कक्का ने कहा कि मेढ़कों की टर्रमटर्र असल में मेघ को बरसने के लिए संदेश भेज रहा है. उनका कहना था कि बारिश का यह मौसम पानी के साथ हमारा उत्सव मनाने के …
पूरी रचना पढ़ें...अपना आदमी अरे तुम तो अपने आदमी निकले! जरा सम्भल कर चलाया करो खैर, कोई और होता तो अभी ही दो-चार थप्पड़ जड़ देते, और मुआवजा लिए बगैर तो बिल्कुल न छो…
पूरी रचना पढ़ें...एक एक बीमार का प्रेम सन्देश प्रिय कांटों सिस्टर (नर्स) कहती है/ रात को यदि नींद आ जाए तो मैं दुनिया का सबसे सुखी बीमार हूंगा बहुत अजीब है ना, सबसे सु…
पूरी रचना पढ़ें...एक अशांत मन चौराहों पर गलियों में सड़कों पर बस अड्डों पर हरवक्त घूमता रहता है एक अशांत मन रोटी की तलाश में अनाज के घड़ों में भरी होती है निराशा अनाज …
पूरी रचना पढ़ें...साहित्य का सम्बन्ध बुद्धि से उतना नहीं जितना भावों से है। बुद्धि के लिए दर्शन है, विज्ञान है, नीति है। भावों के लिए कविता है, उपन्यास है, गद्यकाव्य ह…
पूरी रचना पढ़ें...बौड़म दास को मैं क़रीब से जानता था। हमारा गाँव चैनपुर भैरवी नदी के किनारे बसा हुआ है। उसके दूसरे किनारे पर बसा है धरहरवा गाँव। साल के बाक़ी समय में य…
पूरी रचना पढ़ें...कछुएं खबर आई कि काशी से बहते-बहते चले आए हैं कुछ बेजान कछुएं सूबा-ए-मगध की ओर करते साँसों की डोर गंगा में प्रवाहित तभी एक और खबर चल पड़ी इसके ठीक विप…
पूरी रचना पढ़ें...लाचार लेखक मैं रोज़ कुछ लिखता हूँ और भूल जाता हूँ कि कल क्या लिखा था क्या विषय था मेरे लिखने का और किस कारण मैंने ऐसा लिखा था मेरी उस कविता से कितना क…
पूरी रचना पढ़ें...वो मौन थी कविताओं में एक वो कविताओं में मौन थी मैंने कविताओं को बिखेर दिया नदियाँ, हवाओं, पर्वतों, पेड़ों, चिडियों के बीच अब वो उड़ रही थी, दौड़ रही थी,…
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